जब एक धातु की प्लेट को $400 \ nm$ और $250 \ nm$ तरंग दैर्ध्य के प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है,तो उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों का अधिकतम वेग क्रमशः $v$ और $2v$ होता है। धातु का कार्य फलन (work function) क्या होगा? ($h$ = प्लांक नियतांक; $c$ = निर्वात में प्रकाश की चाल)

  • A
    $2 hc \times 10^6 \ J$
  • B
    $1.5 hc \times 10^6 \ J$
  • C
    $hc \times 10^6 \ J$
  • D
    $0.5 hc \times 10^6 \ J$

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एक धातु का कार्य फलन (work function) $h \nu_0$ है। $\nu$ आवृत्ति का प्रकाश इस धातु पर गिरता है। प्रकाश-विद्युत प्रभाव (photoelectric effect) केवल तभी होगा यदि

जब एक धात्विक सतह को $\lambda$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है,तो निरोधी विभव (stopping potential) $V$ है। जब उसी सतह को $2 \lambda$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है,तो निरोधी विभव $\frac{V}{3}$ है। धात्विक सतह के लिए देहली तरंगदैर्ध्य (threshold wavelength) क्या है?

तरंगदैर्ध्य $\lambda$ का प्रकाश $\phi$ कार्य फलन वाली धातु की सतह पर आपतित होता है और इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित करता है। उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन का अधिकतम वेग क्या है? [दिया गया है: $m=$ इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान,$h=$ प्लांक नियतांक,$c=$ प्रकाश का वेग]

सीज़ियम का कार्य फलन (work function) $2.14 \ eV$ है। यदि $0.60 \ V$ के निरोधी विभव (stopping potential) द्वारा प्रकाश-धारा को शून्य कर दिया जाता है,तो आपतित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य ज्ञात कीजिए। (उत्तर $nm$ में)

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जब पराबैंगनी (ultraviolet) किरणें धातु की प्लेट पर आपतित होती हैं, तो प्रकाश-विद्युत प्रभाव (photoelectric effect) नहीं होता है। यह किसके आपतन से होता है?

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