$l$ मीटर लंबाई वाले एक परिनालिका (solenoid) का स्व-प्रेरकत्व $L$ हेनरी है। यदि फेरों (turns) की संख्या दोगुनी कर दी जाए,तो इसका स्व-प्रेरकत्व क्या होगा?

  • A
    समान रहता है
  • B
    $2L$ हेनरी हो जाता है
  • C
    $4L$ हेनरी हो जाता है
  • D
    $\frac{L}{\sqrt{2}}$ हेनरी हो जाता है

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$5\, H$ प्रेरकत्व वाली एक कुंडली में धारा $2\, A/s$ की दर से घट रही है। प्रेरित $e.m.f.$ ....$V$ है।

जब एक चालक कुंडली में धारा $0.5 \ s$ में एक दिशा में $5 \ A$ से विपरीत दिशा में $5 \ A$ में बदल जाती है,तो कुंडली में औसत प्रेरित e.m.f. $2 \ V$ होता है। कुंडली का स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) है ($mH$ में)

$500$ फेरों वाली एक कुंडली का स्व-प्रेरकत्व $50\,mH$ है। जब इसमें $8\,mA$ की धारा प्रवाहित होती है,तो कुंडली के अनुप्रस्थ काट से गुजरने वाला चुंबकीय फ्लक्स कितना होगा?

$5\, cm$ त्रिज्या वाली एक वृत्ताकार कुंडली में तार के $500$ फेरे हैं। कुंडली के स्व-प्रेरण गुणांक का अनुमानित मान क्या होगा?

एक परिपथ में धारा $5.0\, A$ से घटकर $0.1\, s$ में $0\, A$ हो जाती है। यदि $200\, V$ का औसत $emf$ प्रेरित होता है,तो परिपथ का स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) $H$ में ज्ञात कीजिए।

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