यदि एक $LR$ परिपथ में धारा को आधा कर दिया जाए,तो उसमें संचित ऊर्जा कितनी होगी?

  • A
    $4$ गुना
  • B
    $2$ गुना
  • C
    आधी
  • D
    $(1/4)$ गुना

Explore More

Similar Questions

दो परिपथ $A$ और $B$ को समान $d.c.$ स्रोतों से जोड़ा गया है,जिनमें से प्रत्येक का $e.m.f.$ $10 \ V$ है। परिपथ $A$ और $B$ के स्व-प्रेरकत्व क्रमशः $L_A = 10 \ H$ और $L_B = 10 \ mH$ हैं। प्रत्येक परिपथ का कुल प्रतिरोध $40 \ \Omega$ है। धारा को स्थिर मान तक पहुँचाने के लिए परिपथ $A$ और परिपथ $B$ में खपत ऊर्जा का अनुपात क्या है?

यदि किसी कुंडली में बहने वाली धारा को उसके प्रारंभिक मान के आधे तक कम कर दिया जाए,तो कुंडली में संचित नई ऊर्जा $(E_2)$ और मूल ऊर्जा $(E_1)$ के बीच का संबंध क्या होगा?

यदि एक प्रेरक (inductor) से प्रवाहित धारा $2 \ A$ से बढ़कर $3 \ A$ हो जाती है,तो प्रेरक में संचित चुंबकीय ऊर्जा में कितनी वृद्धि होगी ($\%$ में)?

$5 \mu H$ प्रेरकत्व वाले एक प्रेरक में $2 \ A$ की धारा प्रवाहित होने पर संचित चुंबकीय ऊर्जा है

$2\,H$ प्रेरकत्व (inductance) वाली एक कुंडली से $2\,A$ की धारा $4\,A/s$ की दर से बढ़ रही है। प्रेरक में प्रति इकाई समय में संचित ऊर्जा ... $J/s$ है।

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo