दो लेंसों ($L_1$ और $L_2$) का एक अवर्णक (achromatic) संयोजन बनाना वांछित है,जो ऐसी सामग्रियों से बने हैं जिनकी विक्षेपण क्षमता (dispersive power) $\omega_1$ और $\omega_2$ $(< \omega_1)$ है। यदि लेंसों का संयोजन अभिसारी (converging) है,तो:

  • A
    $L_1$ अभिसारी है
  • B
    $L_2$ अभिसारी है
  • C
    $L_1$ की शक्ति $L_2$ की शक्ति से अधिक है
  • D
    इनमें से कोई नहीं

Explore More

Similar Questions

संपर्क में रखे दो पतले लेंस एक अवर्णक युग्म (achromatic doublet) बनाते हैं जिसका पावर $+2 \text{ D}$ है। उत्तल लेंस का पावर $+5 \text{ D}$ है। अभिसारी और अपसारी लेंसों की विक्षेपण क्षमता (dispersive power) का अनुपात क्या होगा?

$10 \ cm$ फोकस दूरी वाले एक पतले उत्तल लेंस को उसी पदार्थ और उसी फोकस दूरी के अवतल लेंस के संपर्क में रखा गया है। संयोजन की फोकस दूरी होगी:

$2 \ mm$ व्यास का प्रकाश का एक समानांतर किरण पुंज $x$-अक्ष के अनुदिश संचरित हो रहा है। इस किरण पुंज को दो उत्तल लेंसों की प्रणाली का उपयोग करके $14 \ mm$ व्यास के समानांतर किरण पुंज में विस्तारित करना आवश्यक है। यदि पहले लेंस की फोकस दूरी $40 \ mm$ है, तो दूसरे लेंस की फोकस दूरी . . . . . . $mm$ है।

$f$ फोकस दूरी वाले एक उत्तल लेंस को समान फोकस दूरी वाले एक अवतल लेंस के संपर्क में रखा जाता है। संयोजन की तुल्य फोकस दूरी क्या होगी?

तीन लेंस $L_1, L_2, L_3$ को चित्र में दिखाए अनुसार समाक्षीय रूप से रखा गया है। लेंसों की फोकस दूरियाँ क्रमशः $30 \, cm, 10 \, cm$ और $5 \, cm$ हैं। यदि प्रकाश की एक समानांतर किरण पुंज लेंस $L_1$ पर गिरती है और $L_3$ से इस प्रकार बाहर निकलती है कि वह $L_3$ के फोकस पर अभिसरित होती है,तो $L_1$ और $L_2$ के बीच की दूरी $d$ ($cm$ में) ज्ञात कीजिए।

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo