दो कुंडलियों के अन्योन्य प्रेरण (Mutual inductance) को कैसे बढ़ाया जा सकता है?

  • A
    कुंडलियों में फेरों की संख्या घटाकर
  • B
    कुंडलियों में फेरों की संख्या बढ़ाकर
  • C
    कुंडलियों को लकड़ी के कोर पर लपेटकर
  • D
    उपरोक्त में से कोई नहीं

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दो कुंडलियों का अन्योन्य प्रेरण (mutual inductance) $0.002 \ H$ है। पहली कुंडली में धारा $i = i_0 \sin \omega t$ के संबंध के अनुसार बदलती है,जहाँ $i_0 = 5 \ A$ और $\omega = 50 \pi \ rad/s$ है। दूसरी कुंडली में $emf$ का अधिकतम मान $\frac{\pi}{\alpha} \ V$ है। $\alpha$ का मान . . . . . . है।

एक कुंडली में $I = 10 \sin(100 \pi t) \text{ A}$ की धारा प्रवाहित की जाती है, जो पास की कुंडली में $5 \pi \text{ V}$ का अधिकतम emf प्रेरित करती है। दोनों कुंडलियों का अन्योन्य प्रेरकत्व (mutual inductance) क्या है ($\text{ mH}$ में)?

ट्रांसफॉर्मर किस सिद्धांत पर आधारित है?

एक ट्रांसफार्मर की प्राथमिक कुंडली (primary coil) से $(\frac{2}{\pi}) \ A$ के शिखर मान (peak value) वाली प्रत्यावर्ती धारा बह रही है। प्राथमिक और द्वितीयक कुंडली के बीच अन्योन्य प्रेरण गुणांक (coefficient of mutual inductance) $1 \ H$ है। द्वितीयक कुंडली में प्रेरित शिखर e.m.f. है (a.c. की आवृत्ति $= 50 \ Hz$) ($V$ में)

$r$ त्रिज्या वाली एक वृत्ताकार कुंडली को $R$ त्रिज्या वाली दूसरी वृत्ताकार कुंडली पर रखा गया है। बड़ी कुंडली से बहने वाली धारा बदल रही है और उनके केंद्र संपाती हैं। यदि $R \gg r$ है और दोनों कुंडलियाँ एक ही तल में हैं, तो उनके बीच का अन्योन्य प्रेरकत्व (mutual inductance) किसके समानुपाती है?

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