एक इलेक्ट्रॉन की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य को $1 \ nm$ से घटाकर $0.5 \ nm$ करने के लिए उसे दी जाने वाली अतिरिक्त ऊर्जा क्या है?

  • A
    प्रारंभिक गतिज ऊर्जा का $2$ गुना
  • B
    प्रारंभिक गतिज ऊर्जा का $3$ गुना
  • C
    प्रारंभिक गतिज ऊर्जा का $0.5$ गुना
  • D
    प्रारंभिक गतिज ऊर्जा का $4$ गुना

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यदि एक इलेक्ट्रॉन $(\lambda_{e})$,एक $\alpha$-कण $(\lambda_{\alpha})$ और एक प्रोटॉन $(\lambda_{p})$ सभी की गतिज ऊर्जा समान है,तो उनकी डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य का क्रम क्या होना चाहिए?

समान गतिज ऊर्जा वाले निम्नलिखित कणों में से किसकी डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक है?

यदि इलेक्ट्रॉनों को त्वरित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले विभवांतर को दोगुना कर दिया जाए,तो इलेक्ट्रॉनों से जुड़ी डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य किस कारक से बदल जाएगी?

$6.4 \times 10^{6} \ m/s$ की गति से चल रहे एक इलेक्ट्रॉन से जुड़ी डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य क्या है ($nm$ में)? $(m_{e} = 9.11 \times 10^{-31} \ kg, h = 6.63 \times 10^{-34} \ J \cdot s)$

प्रकाश के वेग के दसवें भाग से गति कर रहे एक प्रोटॉन की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्घ्य $\lambda$ है। एक अल्फा कण जिसकी गतिज ऊर्जा कुछ निश्चित है,उसकी भी डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्घ्य $\lambda$ है। प्रोटॉन और अल्फा कण की गतिज ऊर्जा का अनुपात क्या है?

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