एक अप्रगामी तरंग (stationary wave) में,सभी कण

  • A
    प्रत्येक दोलन काल में दो बार एक ही समय पर विराम अवस्था में होते हैं
  • B
    प्रत्येक दोलन काल में केवल एक बार एक ही समय पर विराम अवस्था में होते हैं
  • C
    कभी भी एक ही समय पर विराम अवस्था में नहीं होते हैं
  • D
    कभी भी विराम अवस्था में नहीं होते हैं

Explore More

Similar Questions

दोनों सिरों पर बंधी एक डोरी में अप्रगामी तरंग का समीकरण $y = 2A \sin kx \cos \omega t$ है। एक प्रस्पंद (antinode) और एक निस्पंद (node) के बीच के मध्य बिंदु पर कंपन करने वाले कण का आयाम और आवृत्ति क्रमशः क्या हैं?

दो प्रगामी तरंगें एक-दूसरे की ओर $50 \,m/s$ के वेग और $200 \,Hz$ की आवृत्ति के साथ यात्रा कर रही हैं। दो क्रमागत प्रस्पंदों (antinodes) के बीच की दूरी है ($\,m$ में)

स्थिर तरंगें (Standing waves) कब उत्पन्न की जा सकती हैं?

एक डोरी पर उत्पन्न अप्रगामी तरंग को समीकरण $y = 5 \cos (\pi x / 3) \sin (40 \pi t)$ द्वारा दर्शाया गया है। जहाँ $x$ और $y$ $cm$ में हैं और $t$ सेकंड में है। क्रमागत निस्पंदों (nodes) के बीच की दूरी .... $cm$ है।

एक तनी हुई डोरी में अप्रगामी तरंग $y = 2a \sin kx \cos \omega t$,$y_1 = a \sin(kx - \omega t)$ और किस तरंग के अध्यारोपण का परिणाम है?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo