$4v_0$ आवृत्ति का प्रकाश $v_0$ देहली आवृत्ति वाली धातु की सतह पर आपतित होता है। उत्सर्जित प्रकाशिक इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा क्या है?

  • A
    $3hv_0$
  • B
    $2hv_0$
  • C
    $\frac{3}{2}hv_0$
  • D
    $\frac{1}{2}hv_0$

Explore More

Similar Questions

प्रकाश-विद्युत प्रभाव (photoelectric effect) के मामले में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

प्रकाश-विद्युत प्रभाव के मामले में,मापे गए निरोधी विभव $(V_0)$ और आपतित प्रकाश की आवृत्ति $(\nu)$ के बीच का ग्राफ एक सीधी रेखा है। इस रेखा के ढाल (slope) को इलेक्ट्रॉन के आवेश $(e)$ से गुणा करने पर क्या प्राप्त होता है?

कथन : प्रकाशवैद्युत उत्सर्जन की प्रक्रिया में, सभी उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा समान नहीं होती है।
कारण : यदि किसी धातु की प्रकाश-संवेदी सतह पर गिरने वाले विकिरण में अलग-अलग तरंगदैर्ध्य शामिल हैं, तो अलग-अलग तरंगदैर्ध्य के फोटॉन को अवशोषित करने वाले इलेक्ट्रॉनों द्वारा प्राप्त ऊर्जा अलग-अलग होगी।

जब एक निश्चित धातु की सतह को $v$ आवृत्ति के प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है, तो फोटोइलेक्ट्रिक धारा के लिए निरोधी विभव (stopping potential) $V_{0}$ है। जब उसी सतह को $\frac{v}{2}$ आवृत्ति के प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है, तो निरोधी विभव $\frac{V_{0}}{4}$ हो जाता है। फोटोइलेक्ट्रिक उत्सर्जन के लिए देहली आवृत्ति (threshold frequency) क्या है?

आइंस्टीन का प्रकाश-विद्युत समीकरण ......... द्वारा दिया जाता है।

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo