निम्नलिखित आकृति प्रकाश की एक किरण पुंज को बिंदु $P$ पर अभिसरित होते हुए दर्शाती है। जब $16 \,cm$ फोकस दूरी वाले एक अवतल लेंस को किरण पुंज के मार्ग में बिंदुदार रेखा द्वारा दिखाए गए स्थान पर इस प्रकार रखा जाता है कि $OP$ लेंस की अक्ष बन जाए,तो किरण पुंज लेंस से $x$ दूरी पर अभिसरित होती है। $x$ का मान किसके बराबर होगा ($\,cm$ में)?

  • A
    $12$
  • B
    $24$
  • C
    $36$
  • D
    $48$

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एक प्रकाशिकी प्रयोग में,वस्तु की स्थिति को स्थिर रखकर,एक छात्र उत्तल लेंस की स्थिति को बदलता है और प्रत्येक स्थिति के लिए,वस्तु का स्पष्ट प्रतिबिंब प्राप्त करने के लिए पर्दे को समायोजित किया जाता है। लेंस से वस्तु दूरी $|u|$ और प्रतिबिंब दूरी $|v|$ के बीच एक ग्राफ दोनों अक्षों के लिए समान पैमाने का उपयोग करके खींचा जाता है। मूल बिंदु से गुजरने वाली और $x$-अक्ष के साथ $45^{\circ}$ का कोण बनाने वाली एक सीधी रेखा प्रयोगात्मक वक्र को $P$ पर मिलती है। $P$ के निर्देशांक क्या होंगे?

एक पतले सम-उत्तल लेंस की प्रकाशिक अक्ष $x$-अक्ष है। वस्तु और उसके प्रतिबिंब के निर्देशांक क्रमशः $(-40 \, cm, 1 \, cm)$ और $(50 \, cm, -2 \, cm)$ हैं। लेंस की स्थिति ज्ञात कीजिए।

$1.5$ अपवर्तनांक वाले कांच से बने एक द्वि-उत्तल (bi-convex) लेंस को $1.7$ अपवर्तनांक वाले द्रव में रखा जाता है। इसकी फोकस दूरी

एक उभयोत्तल (biconvex) लेंस (अपवर्तनांक $1.5$) और एक समतल-अवतल (plano-concave) लेंस (अपवर्तनांक $= 1.7$) की शक्ति का परिमाण समान है। यदि समतल-अवतल लेंस की वक्रता, उभयोत्तल लेंस की पिछली सतह की वक्रता से बिल्कुल मेल खाती है, तो उभयोत्तल लेंस की आगे और पीछे की सतह की वक्रता त्रिज्या का अनुपात . . . . . . है।

लेंस की विस्थापन विधि (displacement method) के मामले में,दोनों स्थितियों में आवर्धन का गुणनफल होता है

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