जब एक धातु पर एकवर्णी प्रकाश आपतित किया जाता है,तो फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा $1.2 \ eV$ होती है। यदि प्रकाश की आवृत्ति में $50 \%$ की वृद्धि की जाती है,तो फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा $3.6 \ eV$ हो जाती है। धातु का कार्य फलन (work function) ज्ञात कीजिए।

  • A
    $3.6 \ eV$
  • B
    $5.8 \ eV$
  • C
    $9.7 \ eV$
  • D
    इनमें से कोई नहीं

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$\lambda$ तरंगदैर्ध्य का एकवर्णी प्रकाश $2.4 \text{ eV}$ कार्य फलन $(\phi)$ वाली धातु की सतह से फोटोइलेक्ट्रॉन उत्सर्जित करता है। इन फोटोइलेक्ट्रॉनों को मूल अवस्था (ground state) में हाइड्रोजन परमाणुओं के साथ टकराया जाता है। $\lambda$ का वह अधिकतम मान ज्ञात कीजिए जिसके लिए हाइड्रोजन परमाणु का आयनीकरण हो सके [लीजिए, $hc = 1240 \text{ eV-nm}$]. ($\text{ nm}$ में)

जब $\lambda$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश एक प्रकाश-संवेदी सतह पर आपतित होता है,तो निरोधी विभव (stopping potential) $V$ है। जब $3 \lambda$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश उसी सतह पर आपतित होता है,तो निरोधी विभव $\frac{V}{6}$ है। तो सतह के लिए देहली तरंगदैर्ध्य (threshold wavelength) क्या है?

$6561 \; \mathring{A}$ तरंगदैर्ध्य वाला विकिरण $p$ एक धातु की सतह पर गिरकर फोटोइलेक्ट्रॉन उत्पन्न करता है। इलेक्ट्रॉनों को $3 \times 10^{-4} \; T$ के एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में प्रवेश कराया जाता है। यदि इलेक्ट्रॉनों द्वारा अनुसरण किए गए सबसे बड़े वृत्ताकार पथ की त्रिज्या $10 \; mm$ है,तो धातु का कार्य फलन (work function) ............... $eV$ के करीब है।

जब किसी धातु की सतह पर एक निश्चित आवृत्ति का प्रकाश आपतित होता है,तो उससे उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों को $3 \ V$ के मंदक विभव (retarding potential) द्वारा पूरी तरह से रोक दिया जाता है। इस धातु की सतह पर प्रकाश-विद्युत प्रभाव $6 \times 10^{14} \ s^{-1}$ की आवृत्ति पर शुरू होता है। आपतित प्रकाश की आवृत्ति $s^{-1}$ में क्या है? [प्लांक नियतांक $= 6.4 \times 10^{-34} \ J \cdot s$,इलेक्ट्रॉन पर आवेश $= 1.6 \times 10^{-19} \ C$]

नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन $A$ और दूसरे को कारण $R$ के रूप में लेबल किया गया है।
अभिकथन $A$ : यदि आपतित विकिरण की ऊर्जा धातु के कार्य फलन (work function) से कम है,तो प्रकाश-विद्युत प्रभाव (photoelectric effect) नहीं होता है।
कारण $R$ : यदि आपतित विकिरण की ऊर्जा धातु के कार्य फलन के बराबर है,तो प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा शून्य होती है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में,नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।

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